dayra

Thursday, 8 March 2012

Storm in मस्तिष्क !!!


ये सन्नाटा अंत नहीं शुरुवात है ;बाकी है शंखनाद रणभेरी का !!

अभी  इक  उड़ान बाकी है ; अभी सिने में जान बाकी है !
उड़ने दो धुल को, शहर पास नहीं ; अभी बियाबान बाकी है !
जरा देख लू पैरो को थपथपा कर, मजबूती जमीन की ;
सितारों को छुकर लौटने का अरमान बाकी  है !
अभी इक उड़ान बाकी है !! 

नदियों को लांघा तो क्या हुआ ; सागर के तटों का माप बाकी है !
कुछ अनसोयी रातों में देखे जागते हुए से ख्वाब ; वो ख्वाब बाकी है !
कच्ची सड़कों पर दौड़ता था सवेरे के लिए अभी सूरज का आगाज बाकी है !
पल भर ठहर गया तो क्या हुआ ; अभी मन का उन्माद बाकी है !
अभी इक उड़ान बाकी है !!

दोस्त ! तेरे शहर में अँधेरा बहुत है ; तुने देखा ही कहा है ; दीये का कमाल बाकी है !
यु तो हम बेढंगे है ज़माने के लिए ; पर जमाने अभी बेढंगो की चाल बाकी है !
देख मत हवा का रुख ये और रोकेगा तुझे ; रुक मत अभी तूफ़ान बाकी है  !
पैर जमा ले मतवाले जरा  ;अभी मिट जाने का अरमान बाकी है !
अभी इक उड़ान बाकी है !!

संभलते हुए देख आकाश को, गिरना नहीं ठोकरों से ;
अभी पूरा आकाश बाकी है 
इन बादलों को छटने की देर है , थोड़ी ही दूर सवेर है ; 
अभी प्रकाश बाकी है , मेरे हृदय में श्वास बाकी है ;
पतंगे  तो कई कूदे है आग में ; अभी प्रल्हाद बाकी है !
अभी इक उड़ान बाकी है !!

लड़े है लडाईया अब तलक खुद के लिए ; खुदा  पर लूट जाये वो इमां  बाकी है ! 
अभी  इक  उड़ान बाकी है ; मेरी धरती का सम्मान बाकी है ! 
बाकी है तड़प तड़प कर मरना ; मेरा बनना अभी  इंसान बाकी है !

17 comments:

  1. पतंगे तो कई कूदे हैं आग में....अभी प्रहलाद बाकी है...

    बहुत ही बढ़िया रचना.............

    होली शुभ हो....

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  2. मेरा बनना इंसान अभी बाकी है ....

    अशोक भाई आप कई मील आगे हो हम जैसे लोगो से :)

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  3. नदियों को लांघा टो क्या हुआ
    सागर के तटो का माप अभी बाकि है ---बहुत सुन्दर पंक्तियाँ

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  4. वाह!!!!अशोक जी,..बहुत सुंदर प्रस्तुति,अच्छी अभिव्यक्ति....
    होली की बहुत२ बधाई शुभकामनाए...

    RECENT POST...काव्यान्जलि
    ...रंग रंगीली होली आई,

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  5. जरा देख लू पैरों को थपथपा कर मजबूती जमीं की
    सितारों को छूकर लोटने का अरमान अभी बाकी है

    --वाह अशोक जी क्या कहू नो वर्ड्स -एसी पंक्तिय ही मुझे जवान बनाकर रखती है

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  6. .

    अशोक जी
    बहुत सुंदर है आपका ब्लॉग भी …
    और रचनाएं भी …
    प्रस्तुत रचना पसंद आई …

    होली की मंगलकामनाएं

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    ♥होली ऐसी खेलिए, प्रेम पाए विस्तार !♥
    ♥मरुथल मन में बह उठे… मृदु शीतल जल-धार !!♥



    आपको सपरिवार
    होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !
    - राजेन्द्र स्वर्णकार
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  7. har ek pangti lazabab hai.......

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  8. बहुत सुन्दर प्रस्तुति. खूबसूरत तस्वीर....

    आपको सपरिवार रंगों के पर्व होलिकोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ......!!!!

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  9. मेरा इंसान बनना बाकी है ...
    गहरे अहसास ,सार्थक सोच !
    शुभकामनाएँ!

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  10. बहुत खूब सर.....
    सादर.

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  11. गहन भाव लिए उत्‍कृष्‍ट अभिव्‍यक्ति ।

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  12. बहुत बढ़िया प्रस्तुति,भावपूर्ण सुंदर उत्कृष्ट रचना,...

    RESENT POST...काव्यान्जलि ...: बसंती रंग छा गया,...

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  13. अशोक जी
    नमस्कार !
    बहुत सुन्दर सृजन, बधाई
    होली की सादर बधाईयाँ...
    जरूरी कार्यो के ब्लॉगजगत से दूर था
    आप तक बहुत दिनों के बाद आ सका हूँ,

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  14. बिल्कुल...अभी तो ये शुरुआत है...

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  15. Bahut Bahut Sundar.........Prastuti

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