dayra

Wednesday, 14 November 2012

अनचाहा मुकाम...!


भटकते हुए भटकने का रास्ता ढूंढ़ लिया अब तक भटकते थे बेरास्ते अब रास्तों पर भटकना सिख  लिया !!
हर रास्ता अनजान बेखबर मेरी चाल से , मै क्या चलता उसके साथ उसने मेरे कदमो से कदम मिलाना सिख लिया !!
पथरीली राहों में कुछ फूल भी है ; छालों की तपन में काटों का साथ निभाना सिख लिया !!
इस संगीत मयी दुनिया में यु तो बेसुरे है हम पर रास्तों का सन्नाटा रास नहीं आया और गुनगुनाना सिख लिया !!
मुक्केबाज़ी के खेल में जिंदगी बसती है मेरी, हर मुक्का मर कर तो बहुत खुश हुआ दांत तुड़वाकर मुस्कुराना सिख लिया !!
अब भी जीता हूँ सपनों के जहान में , कुछ हसिन कुछ खोफनाक है मगर हर ख्वाब से नजर मिलाना सिख लिया !!
उचाईयों को आँखों के निशाने पर रख कर , गहराई में डूब कर उभारना सिख लिया !!
गुजर गया कारवां , खो गए मुसाफिर समय की पगडण्डी पर , तन्हा ही सही खुद का साथ निभाना सिख लिया !!
सहारे अक्सर कमजोर बना देते है पथिक को , अपनी कमजोरियों का सहारा बन जाना सिख लिया !!
आजादी प्यारी होती है हर परिंदे को आकाश की उचाईयों का सुख पाने को कुछ पल गुलाम कहलाना सिख लिया !!
हार जीत का खेल है जिंदगी की जमी पर हर लम्हे की करवट , कभी जीत कर हारना तो कभी हर कर भी जीत जाना सिख लिया !!
मन की आग बुझाने के साधन है अनगिनत जलाने के शौक ने कलम से अंगारों को दहकाना सिख लिया !!

हर ठोकर को सिख समझना सिख लिया !!

14 comments:

  1. सहारे अक्सर कमजोर बना देते है पथिक को , अपनी कमजोरियों का सहारा बन जाना सिख लिया --
    waaah kyaa baat hai Ashok

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  2. बहुत सुन्दर बात अशोक जी....
    बहुत दिनों बाद आपको पढ़ना भला लगा...

    अनु

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  3. इसे कविता के रूप में लिखते तो अच्छा लगता ....!!

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  4. बहुत ही अच्छा लिखा है आपने...
    अपनी कमजोरियों और गलतियों से इन्सान सीखता है..और जीवन में आगे बढ़ता है..बहुत ही बेहतरीन पोस्ट...
    :-)

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  5. sundar bhav ko sajoya hai ap ne ...heer ji ki bato se sahmat ho jana hi prabhavshali hoga .

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  6. अति उत्तम...
    और ज्यादा अच्छा इसलिए लगा है क्योकि बहुत दिनों बाद आपने कुछ लिखा है
    जिसका हमको हमेशा इंतज़ार रहता है

    प्रिया

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  7. पोस्ट दिल को छू गयी.......कितने खुबसूरत जज्बात डाल दिए हैं आपने..........बहुत खूब
    बेह्तरीन अभिव्यक्ति .आपका ब्लॉग देखा मैने और नमन है आपको और बहुत ही सुन्दर शब्दों से सजाया गया है लिखते रहिये और कुछ अपने विचारो से हमें भी अवगत करवाते रहिये.

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  8. बहुत ही बढिया प्रस्‍तुति।

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  9. आप जिंदगी की सच्चाई सीख लिए !!
    शुभकामनायें !!

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  10. ये सीखने की आदत बनी रहे...

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  11. हर ठोकर से इक सीख समझना
    यारो हमने सीख लिया !!

    भाव अच्छे हैं , मगर अशुद्धियाँ ठीक होनी चाहिए !

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  12. दिल को छू गई आप की ये लिखावट ..............

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