dayra

Saturday, 12 November 2011

आरजू ...wish !

तेरी जमीनों पे मेरी निगाहे रहे माँ ;
मेरी किस्मत पे तेरा  ही साया रहे माँ ;

तू न करना कभी फ़िक्र ओ ...मेरी माँ ;
तेरे क़दमों पे सर तुझपे कुरबा ये ......जान ;


तेरी मिटटी की खुशबु ,मेरे बदन में रहे माँ ;
तेरी बातों में मेरी ही यादें रहे माँ ;


तेरे लाल तो और भी है...मेरी माँ ;
बस तेरी ममता की लाली मेरे खून में रहे माँ ;


मुझको  बस एक आशीष दे............ मेरी माँ ;
तुझपे मिटने का जज्बा भी मुझमे रहे माँ ; 


तेरी बगिया की मिट्टी चाहे न  दे .मेरी  माँ ;
पर काटों सी किस्मत तो मेरी.. रहे माँ ;


तुझको जब मुझपे प्यार आये मेरी माँ ;


.............तेरी मिट्टी की चुनर ओढा देना माँ !!!!!!!!!!
..............तेरे आँचल में थोड़ी  जगह देना माँ !!!!!!!!!

13 comments:

  1. ashok ji aapko dil se salam ...
    is rachna ko padhkar ek alag hi josh peda ho gaya,
    ek alag hi khalbali mach gayi mere sine me....

    jai hind jai bharat

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  2. as always awsm lines when i read this blog of dayra ... an asmw energy i got to move on positively .................. from all the dificulties of life

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  3. देश प्रेम के रंग में रंगी सुन्दर रचना !

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  4. तुझपे मिटने का जज्बा भी मुझमे रहे माँ ;
    तेरी बगिया की मिट्टी चाहे न दे .मेरी माँ ;

    खूब..... समर्पण और देशभक्ति के सुंदर भाव

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  5. .तेरी मिट्टी की चुनर ओढा देना माँ !!!!!!!!!!
    ..............तेरे आँचल में थोड़ी जगह देना माँ !!!!!!!!!

    bahut t achcha likha hai badhaai
    mere blog par aane ke liye shukriya

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  6. बहुत सुन्दर रचना लिखा है आपने! शानदार प्रस्तुती!

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  7. awsome.. very well written.. !!
    :)

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