ख़ूबसूरत शब्दों से सुसज्जित उम्दा रचना के लिए बधाई! क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनायें ! मेरे नये पोस्ट पर आपका स्वागत है- http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/ http://seawave-babli.blogspot.com/
बहुत सुन्दर भावपूर्ण एवं चिंतनीय रचना ! हम प्रकृति के खिलाफ जब भी कुछ करते हैं उसका परिणाम नकारात्मक भुगतना पड़ता है ! पितृत्व समाज में बेटियों की उपेक्षा हमेशा से दुर्भाग्यपूर्ण रहा है !
sartahk aur prabhavi post ke liye bahut bahut aabhar
ReplyDeleteतो इतना महान फैसला .....
ReplyDeleteइस तुच्छ मानव के अधिकार में क्यों ? एक सटीक प्रश्न किया है।
"Wo roop hai kudrat ka, jiska har manav aabhari hai, woh naari hai, woh naari hai"
ReplyDeleteBehtareen rachna Ashokji....
is se jyada achhii imazination or paribhasha ek nanhi pari k liye or kya ho sakti h ..... really awsm lines ...
ReplyDeleteAshok ji........tareef ke liye sbd nhi mil rhe hain
ReplyDeleteअशोक जी , बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति..मेरी नई पोस्ट में आप का स्वागत है...
ReplyDeleteसुन्दर अभिव्यक्ति... !
ReplyDeleteख़ूबसूरत शब्दों से सुसज्जित उम्दा रचना के लिए बधाई!
ReplyDeleteक्रिसमस की हार्दिक शुभकामनायें !
मेरे नये पोस्ट पर आपका स्वागत है-
http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/
http://seawave-babli.blogspot.com/
बहुत सुन्दर भावपूर्ण एवं चिंतनीय रचना !
ReplyDeleteहम प्रकृति के खिलाफ जब भी कुछ करते हैं उसका परिणाम नकारात्मक भुगतना पड़ता है ! पितृत्व समाज में बेटियों की उपेक्षा हमेशा से दुर्भाग्यपूर्ण रहा है !
बहुत ही भावमय करते शब्दों का संगम ।
ReplyDeleteits so touching dat i hv no words to comment really..its one of ur best creations...truly respect u for dis one ashok ji
ReplyDeleteso touching eyes are full of tears
ReplyDeleteThis comment has been removed by the author.
ReplyDeleteअब फिर पूछता हूँ ! हे विधाता !
ReplyDeleteक्या तू बनाता है सबके भाग्य?
तो इतना महान फैसला .....
इस तुच्छ मानव के अधिकार में क्यों ?so touching eyes are full of tears---
बेटी का न होने का दर्द मुझसे पूछो ---